Sunday, 9 April 2017

Self confident, chnage my life

क्यों शब्द का कमाल देखने को मिला -
                   जब मेने question किया कि मैं क्यों भूल जाता हूँ तो  - जवाब मिला की मेरा दिमाग कमजोर है।    तभी मेने सोचा की-
                    दिमाग कमजोर का क्या मतलब है ?
 तभी जवाब मिला की - जो मैं पढ़ता हूँ वह  भूल जाता हूँ।
                   फिर मैंने अपने से एक question  किया की मैं कितनी बार  subject को पढ़ता हूँ ?
 फिर जवाब मिला की - मुश्किल से सायद एक बार या तो वह भी नहीं।

 अब मुझे लगने लगा की -
                          जब मुझे एक बार पढ़ने से कम  से कम इतना याद रहता है की मैंने पढ़ा क्या था , तो मैं उसे हजार बार पढूंगा ,कैसे याद नहीं होगा। 
 उसके बाद ऐसा  कोई पल नहीं आया जिससे की न बताने की वजह से मुझे मार खाना पड़ा।
         यही अंत नहीं है, मेरे जीवन मैं बहुत सारे उतार -चढ़ाव आये,जितना की पहाङो मैं भी नहीं होगा - जो जीवन के हर मायने को समझने पर मजबूर कर  दिया।
       
           

Thursday, 6 April 2017

Self confident ,change my life...

यह मेरा पहला ब्लॉग है , तो मैं आपसे वह पल शेयर करना चाहूंगा जिसने मुझे कुछ बनने के सपने से , कुछ करने के तरफ मोड़ा।
                       जब मैं  छोटा था तो अक्कसर कक्षा मैं मुझे अपने गुरु जी से मार खाना परता था। क्योंकि मैं उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नो का जवाब नही दे पाता था।  
                       मार खाने के बाद मुझे बहुत शर्मिंदगी महशूस होती थी , जब मैं  मार खाता था तो उन दोस्तों को देखकर मेरे मन मैं आता की कास मेरा भी दिमाग इनके जैसे तेज  होता तो मैं भी मार  नहीं खाता। 
                      कंही न कंही मेरे दिमाग मै यह बात बैठ गई थी की मैं इनके जैसा नही बन पाउँगा क्योकि मेरा दिमाग कमजोर है। 
                      एक दिन ऐसा हुआ कि मै अकेला कमरे मैं  पढ़ रहा था तभी मैंने सोचा की मैं पढता हूँ फिर भी कुछ याद नहीं रहता , ऐसा क्यों ?
                      यही क्यों शब्द ने मेरे जीवन का सोचने का नजरिया बदल दिया। 
कैसे मैं आप को बतऊँगा ---
Thank you.